जनसागर टुडे
बिना लाइसेंस पटाखा बिक्री और अवैध भंडारण पर होगी कार्रवाई, सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों को प्रशासन की सख्त चेतावनी
मेहनाजपुर/तरवां, आजमगढ़।
दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही पटाखों की बिक्री को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। आतिशबाजी के नाम पर नियमों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों के लिए प्रशासनिक निर्देश स्पष्ट हैं। बिना लाइसेंस पटाखा बिक्री, अवैध भंडारण और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। आजमगढ़ में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में पटाखा दुकानों को आबादी से दूर निर्धारित स्थलों पर संचालित करने तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मंडलीय स्तर पर भी अवैध पटाखा कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
मेहनाजपुर और तरवां में भी नियमों का पालन जरूरी
मेहनाजपुर और तरवां थाना क्षेत्रों में पटाखों का कारोबार करने वाले दुकानदारों को भी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। बिना वैध लाइसेंस पटाखों की बिक्री करना, निर्धारित स्थान के अलावा दुकान लगाना अथवा नियमों के विरुद्ध पटाखों का भंडारण करना कानूनन कार्रवाई का कारण बन सकता है। पटाखा दुकानों पर अग्निशमन यंत्र, बालू और पानी की व्यवस्था सहित आवश्यक सुरक्षा इंतजाम होना अनिवार्य है। दुकानदारों को दुकान के आसपास ज्वलनशील पदार्थ रखने से बचना होगा तथा निर्धारित दूरी के नियमों का पालन करना होगा।
अवैध कारोबारियों को चेतावनी
प्रशासनिक निर्देशों के मद्देनजर पटाखा कारोबारियों को चेताया जाता है कि त्योहार के उत्साह में कानून को हाथ में न लें। अवैध रूप से पटाखों का कारोबार करने अथवा सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने से न केवल जनहानि का खतरा पैदा होता है, बल्कि संबंधित कारोबारी भी कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं। मेहनाजपुर और तरवां क्षेत्र में यदि अवैध पटाखा बिक्री या भंडारण की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है।
जनसुरक्षा सर्वोपरि
पटाखों का कारोबार करने वाले सभी व्यापारियों से अपील है कि वैध लाइसेंस प्राप्त कर निर्धारित स्थान पर ही दुकान संचालित करें। सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें, जिससे आम नागरिकों की जान-माल को खतरा उत्पन्न हो।
दीपावली खुशियों का त्योहार है, इसे लापरवाही और अवैध कारोबार के कारण हादसों का त्योहार न बनने दें।






