जनसागर टुडे
तरवां पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अपहरण, दुष्कर्म और गैंगेस्टर एक्ट समेत पांच मुकदमे दर्ज
आजमगढ़- तरवां पुलिस ने 17 वर्षों से फरार चल रहे ₹25 हजार के इनामी वांछित अभियुक्त मोनू मिश्रा उर्फ बृजेश मिश्रा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त के कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। बरामदगी के आधार पर थाना तरवां में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक अभियुक्त के खिलाफ वर्ष 2008 से 2010 के बीच मारपीट, अपहरण, दुष्कर्म और गैंगेस्टर एक्ट समेत कुल पांच अभियोग दर्ज हैं। वह वर्ष 2010 से लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ द्वारा 27 नवंबर 2022 को ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, 16 मार्च 2009 को एक युवती को बहला-फुसलाकर भगाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद 30 मार्च 2009 को दूसरी युवती को भगाकर ले जाने के मामले में भी मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें मोनू मिश्रा का नाम सामने आया। वर्ष 2010 में उसके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। 23 सितंबर 2026 को तरवां पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग तथा वांछित अभियुक्तों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान सूचना के आधार पर पुलिस ने नवरसिया पुलिया के पास, ग्राम डुभाव से करीब शाम पांच बजे मोनू मिश्रा उर्फ बृजेश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार अभियुक्त ने बताया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से अपना स्थान और नाम बदलकर रह रहा था। काफी समय बीतने के बाद उसे लगा कि पुलिस उसकी तलाश नहीं कर रही होगी, जिसके बाद वह परिचितों से मिलने और मुकदमों के संबंध में बातचीत करने वापस आया था। कार्रवाई एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन एवं क्षेत्राधिकारी लालगंज भूपेश पांडे के पर्यवेक्षण में की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, व0उ0नि0 अजय कुमार सिंह, उ0नि0 अतुल कुमार मिश्रा और कांस्टेबल कमलेश कुमार यादव शामिल रहे।






