बुलंदशहर में फर्जी वकील होने के आरोप पर बड़ी कार्रवाई, 35 वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता का लाइसेंस निलंबित।
बुलंदशहर। फर्जी अधिवक्ताओं की पहचान और उनके विरुद्ध कार्रवाई को लेकर देशभर में चल रही प्रक्रिया के बीच बुलंदशहर में एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि जिला न्यायालय में लगभग 35 वर्षों से वकालत कर रहे अधिवक्ता सुमन कुमार सिंह राघव का अधिवक्ता लाइसेंस जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन बुलंदशहर में कई बार अध्यक्ष और महासचिव पद पर रह चुके सुमन कुमार सिंह राघव की शैक्षणिक एवं विधिक योग्यता से संबंधित दस्तावेजों की जांच के आदेश दिए गए हैं। मामले में लॉ डिग्री की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पूर्व महासचिव, बार एसोसिएशन बुलंदशहर अधिवक्ता पवन कुमार निम द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की गई है। मामले की सुनवाई बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्र ने ऑनलाइन माध्यम से की।
सुनवाई के दौरान चेयरमैन मनन मिश्र ने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा और जनता के विश्वास को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा फर्जीवाड़ा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में फर्जी डिग्री अथवा अन्य अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सभी राज्यों को अधिवक्ताओं के दस्तावेजों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। संस्था ने कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रणाली के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने की बात कही है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा।






