मायावती ने ब्राह्मण समाज को साधने का दिया संदेश, बोलीं- बीएसपी में सर्वसमाज का सम्मान सर्वोपरि।
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया पर जारी अपने छह बिंदुओं वाले संदेश में पार्टी की सामाजिक रणनीति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि बीएसपी ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति पर चलने वाली पार्टी है और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की भावना के अनुरूप सर्वसमाज के हित व कल्याण के लिए समर्पित है।
मायावती ने कहा कि पार्टी में नेताओं के बजाय तन, मन और धन से समर्पित आंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं की फौज हर स्तर पर सक्रिय है। उन्होंने कहा कि पार्टी में ईमानदार और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की परंपरा रही है तथा युवाओं को विशेष रूप से पार्टी की नर्सरी में तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने ब्राह्मण समाज समेत अन्य समाजों के उन लोगों पर भी टिप्पणी की, जो किसी समय पार्टी से अलग होकर दूसरी पार्टियों में चले गए या अपने निजी स्वार्थ के लिए सत्ताधारी दल में शामिल हुए। मायावती ने कहा कि ऐसे लोगों के आचरण के आधार पर पार्टी के प्रति उनके समर्पण को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे कई लोगों के कारण पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी को नुकसान भी उठाना पड़ा।
मायावती ने कहा कि इसके बावजूद लंबे समय से ईमानदारी और निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम कर रहे वरिष्ठ नेताओं द्वारा नए, कर्मठ और ईमानदार लोगों, खासकर युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने का अभियान जारी है।
बीएसपी सुप्रीमो ने पार्टी के नए और पुराने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पूरी निष्ठा के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे रहें। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में साफ-सुथरी और मिशनरी मानसिकता के साथ काम करेंगे तथा आंबेडकरवादी और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप संगठन को मजबूत बनाएंगे।
मायावती ने विशेष रूप से ब्राह्मण समाज को संदेश देते हुए कहा कि समाज के लोग पूरी मजबूती के साथ बीएसपी से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि चुनावों में भागीदारी और उम्मीदवार बनाए जाने के मामले में सभी समाजों को उचित मान-सम्मान दिया जाता रहेगा। उन्होंने वर्ष 2007 के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय की तरह ही सर्वसमाज को उचित सम्मान देने की नीति जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि बीएसपी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने में विशेषकर दलित समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही उन्होंने कहा कि बीएसपी की ‘नर्सरी’ सर्वसमाज के हसीन गुलदस्ते की तरह है, जिसमें अधिकतर हरी-भरी और सजी रहती है।






