एमपी-एमएलए न्यायालय ने सुनाया फैसला, करीब दस साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद मिली राहत
साहिबाबाद। जनसागर टुडे संवाददाता।
साहिबाबाद के पूर्व विधायक पंडित अमरपाल शर्मा को खोड़ा के चर्चित गज्जी भाटी हत्याकांड में गाजियाबाद की एमपी-एमएलए न्यायालय ने सोमवार को बरी कर दिया। करीब दस साल तक चले मुकदमे में न्यायालय में उनकी संलिप्तता साबित नहीं हो सकी। फैसले के बाद अमरपाल शर्मा ने राहत जताते हुए कहा, “भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उन्हें इस मामले में फंसाने की कोशिश की गई थी।
वर्ष 2016-17 के घटनाक्रम से जुड़ा यह मामला खोड़ा कॉलोनी निवासी गज्जी भाटी की गोली मारकर हुई हत्या से संबंधित है। इस हत्याकांड में गज्जी भाटी के परिजनों की ओर से पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा समेत अन्य लोगों पर आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने मामले में अमरपाल शर्मा, राजकुमार उर्फ राजू पहलवान और नरेंद्र फौजी उर्फ नरेंद्र गुर्जर को नामजद किया था। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा और लंबे समय तक सुनवाई चली।
अमरपाल शर्मा का कहना है कि इस मुकदमे के कारण उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और बदले की भावना के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उनके मुताबिक, उस दौरान उनके विरुद्ध गुंडा एक्ट सहित कई अन्य मुकदमे भी दर्ज किए गए और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। करीब दस महीने बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के पश्चात गाजियाबाद की एमपी-एमएलए अदालत में हत्याकांड का मुकदमा विचाराधीन रहा। अमरपाल शर्मा के अनुसार, करीब चार-पांच महीने पहले उन्हें गुंडा एक्ट के मामले में भी राहत मिली थी।
फैसले के बाद समर्थकों ने मनाया जश्न
न्यायालय से बरी होने की जानकारी सामने आने के बाद अमरपाल शर्मा के समर्थकों में खुशी का माहौल दिखाई दिया। समर्थकों का उनके कार्यालय पर पहुंचना शुरू हो गया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने उन्हें बधाई दी और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। इस दौरान समर्थकों ने इसे उनके लिए लंबे कानूनी संघर्ष के बाद मिली राहत बताया।
अमरपाल शर्मा ने जताया आभार
पूर्व विधायक ने कठिन समय में उनका साथ देने वाले मित्रों, रिश्तेदारों, साथियों और समर्थकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल दौर में भी जिन लोगों ने उन पर भरोसा बनाए रखा, उनका सहयोग उनके लिए महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने न्यायपालिका पर विश्वास जताते हुए कहा कि न्यायालय के फैसले से उन्हें राहत मिली है।
गज्जी भाटी हत्याकांड में आए इस फैसले के बाद साहिबाबाद और खोड़ा क्षेत्र में मामला एक बार फिर चर्चा में है।






