शिकारपुर में महिला कांग्रेस का सम्मेलन, 21 जुलाई के संसद घेराव में बड़ी भागीदारी का आह्वान।

संवाददाता डीके निगम
शिकारपुर (बुलंदशहर)। महिला कांग्रेस की ओर से शिकारपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 को शीघ्र लागू किए जाने की मांग को लेकर एक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, आरक्षण और उनके अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का आयोजन महिला कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री अर्चना पांडा के नेतृत्व में हुआ, जबकि अध्यक्षता कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान एडवोकेट ने की। मुख्य अतिथि के रूप में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भारती त्यागी और राष्ट्रीय संयोजक ज्योत्सना गोगिया शामिल हुईं।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारती त्यागी और ज्योत्सना गोगिया ने कहा कि संसद से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 को तत्काल लागू किया जाना चाहिए, ताकि महिलाओं को राजनीति में उनका उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए निरंतर संघर्ष कर रही है।
इस दौरान महिला कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से 21 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित संसद घेराव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया।
जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान एडवोकेट ने कहा कि महिलाओं की आवाज बुलंद करने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कराने के लिए यह आंदोलन महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है तथा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देकर ऐतिहासिक पहल की गई थी।
महिला कांग्रेस नेत्री अर्चना पांडा ने कहा कि वह गांव-गांव जाकर महिलाओं को कांग्रेस से जोड़ने का अभियान चलाएंगी और उनके अधिकारों की आवाज मजबूती से उठाएंगी।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष भारती त्यागी और राष्ट्रीय संयोजक ज्योत्सना गोगिया ने महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित किए।
इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, जिला उपाध्यक्ष शिवकुमार शर्मा, जिला कॉर्डिनेटर राजकुमार पंडित, भजनलाल विमल, सचिन वशिष्ठ, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र उपाध्याय, युधिष्ठिर शर्मा, अखिल पठान, ममता, निशा, पूजा, चंचल, विशाखा, सीमा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, महिला कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय महिलाएं मौजूद रहीं।






