जनसागर टुडे
आजमगढ़ / अजय सिंह – आज़मगढ़ के लच्छीरामपुर स्थित प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान ‘विजय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो का कड़े शब्दों में खंडन किया है। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वीडियो में मरीज के परिजनों से इलाज के नाम पर आरएस1.5 लाख एडवांस जमा कराने का जो दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह से असत्य, मनगढ़ंत और संस्थान की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है।
बताया कि दिनांक 03 जून, 2026 को मरीज गोलू यादव (उम्र 20 वर्ष) को एक भीषण सड़क मे पैर पर सामान से लदा हुआ ट्रक चढ़ जाने के कारण दुर्घटना (रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट) के बाद अत्यंत नाजुक स्थिति में अस्पताल लाया गया था। मरीज के दाहिने पैर में गंभीर चोट (ओपन क्रश इंजरी तो राइट लोअर लिंब) थी और अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका था। आपातकालीन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, अस्पताल प्रबंधन ने अपनी जीवन-रक्षक नीति के तहत बिना किसी अग्रिम भुगतान (जीरो एडवांस पेमेंट) के मरीज को तुरंत डॉक्टरों की विशेष टीम की देखरेख में आपातकालीन वार्ड में ले जाकर इलाज शुरू कर दिया।चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद, अत्यधिक खून बह जाने के कारण मरीज ‘हेमरेजिक शॉक’ (हेमरेजिक शोक) और ‘फैट एम्बोलिज्म’ (फट एंबॉलिज्म) की स्थिति में चला गया, जिससे अचानक उसका हृदय और फेफड़े रुक गए (कार्डियोपलमोनरी अरेस्ट)। हर संभव चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई, परंतु अत्यंत दुखद रूप से मरीज को पुनर्जीवित नहीं किया जा सका।अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विजय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जनपद का ऐसा चिकित्सा केंद्र है जो किसी भी गंभीर मरीज की आर्थिक स्थिति या एडवांस पेमेंट को देखे बिना, सबसे पहले उसकी जान बचाने के लिए तुरंत चिकित्सा मुहैया कराता है। पूर्व में भी सैकड़ों ऐसे गंभीर मरीज आए हैं, जिनका बिना किसी अग्रिम धनराशि के जटिल ऑपरेशन तक किया गया।
अस्पताल प्रशासन ने मृतक मरीज के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है






