जनसागर टुडे
आजमगढ़ – आजमगढ़ मंडल में मंडलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में मंडलायुक्त सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर विभिन्न विभागों की ग्रेडिंग एवं रैंकिंग के आधार पर मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आजमगढ़, मऊ और बलिया जनपदों में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों को रैंकिंग और ग्रेडिंग में सुधार लाने के साथ योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी दशा में अपात्रों को आवास आवंटित न किया जाए। जांच में योजना का लाभ लेने वाले अपात्र पाए जाने पर उनसे धनराशि की वसूली की जाए। उन्होंने तीनों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों को भ्रमण के दौरान आवासों का स्थलीय सत्यापन करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मंडलायुक्त ने तीनों जनपदों में अपंजीकृत चिकित्सकों, अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने तथा ऐसे केंद्रों को सीज करने के निर्देश दिए। अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लिंग परीक्षण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि केवल नामित चिकित्सक ही अल्ट्रासाउंड करें। सभी सीएमओ को अगले माह की बैठक से पहले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम को भी कम करने पर जोर दिया गया। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि संस्थागत प्रसव के लिए महिला के भर्ती होते समय ही बैंक खाता खुलवाने की प्रक्रिया पूरी की जाए और डिस्चार्ज से पहले लाभार्थी के खाते में धनराशि भेजी जाए। निजी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए आशाओं द्वारा महिलाओं को ले जाने की शिकायत पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जांच में ऐसी आशा के दोषी पाए जाने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाए। विद्युत विभाग की समीक्षा में मंडलायुक्त ने कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेकर समयसीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधीक्षण अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं को शिकायत रजिस्टर का नियमित निरीक्षण कर कार्रवाई का सत्यापन करने को कहा गया। बलिया में विद्युत तार गिरने से पिता-पुत्र की मौत की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी मंडलायुक्त ने विद्युत विभाग से जानकारी मांगी कि कितने परिषदीय विद्यालय अभी तक विद्युतीकरण से वंचित हैं। उन्होंने विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे विद्युत तारों को तत्काल शिफ्ट करने तथा विद्यालय परिसर या उसके समीप लगे ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराने के निर्देश दिए। परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने शिक्षकों की उपलब्धता एवं उपस्थिति, विद्यार्थियों से सतत संवाद, मध्यान्ह भोजन, पेयजल, शौचालय और भवनों की स्थिति दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। जर्जर विद्यालय भवनों को चिन्हित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया। वृद्धाश्रमों की व्यवस्थाओं को लेकर मंडलायुक्त ने तीनों जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक बार वृद्धाश्रमों का भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बुजुर्गों को कपड़े, चप्पल और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने तथा सभी सीएमओ को माह में एक बार स्वास्थ्य शिविर लगाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराने को कहा। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की समीक्षा में दिव्यांग, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन के पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर उनकी कमियां दूर कराने तथा आवेदन कराकर लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर कोई भी पात्र लाभार्थी पेंशन से वंचित नहीं रहना चाहिए। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में बलिया और मऊ में अधिक संख्या में आवेदन निरस्त होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। दोनों जिलों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु पर मिलने वाली 30 हजार रुपये की सहायता के पात्र आवेदनों को अनावश्यक रूप से निरस्त न किया जाए। श्रम विभाग की समीक्षा में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, कन्या विवाह योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना तथा निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना सहित अन्य योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार कर पात्र श्रमिकों को लाभान्वित करने पर जोर दिया।आईसीडीएस विभाग की समीक्षा में ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए जो न तो परिषदीय विद्यालयों में और न ही किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि खुले में या कार्यकत्री के निजी आवास में संचालित केंद्रों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाए। कृषि विभाग की समीक्षा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने तथा बिना उचित कारण किसी आवेदन को निरस्त न करने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग को गौशालाओं के किनारे ट्रेंच या गड्ढे बनाकर पौधारोपण कराने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं का खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए तत्काल टीकाकरण कराने को कहा गया।मंडलायुक्त ने पर्यटन विभाग को पिछले पांच वर्षों में कराए गए पर्यटन विकास कार्यों का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा वन विभाग को सूखे पौधों को रिप्लेस कर पौधारोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में आजमगढ़ मंडल की भागीदारी बढ़ाने पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। मंडलायुक्त ने वार्षिक विकास दर और प्रति व्यक्ति वार्षिक आय बढ़ाने के लिए सभी जनपदों को विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार आजमगढ़ की वार्षिक विकास दर 12.5 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति वार्षिक आय लगभग 55 हजार रुपये, मऊ की विकास दर 18 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय लगभग 59 हजार रुपये तथा बलिया की विकास दर 12.1 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय 54,247 रुपये बताई गई। इसके अलावा जल जीवन मिशन, हर घर जल, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, सोलर स्ट्रीट लाइट, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी टूलकिट वितरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बीज डीबीटी, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क निर्माण, ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, दुग्ध मूल्य भुगतान, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मत्स्य उत्पादन और प्रोजेक्ट अलंकार सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करते हुए सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग और ग्रेडिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी बलिया मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी मऊ आनंद वर्धन, अपर आयुक्त प्रमोद कुमार पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ राकेश कुमार पटेल, मुख्य विकास अधिकारी मऊ विवेक कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त विकास आयुक्त सहित मंडल एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे!!






