प्रधानमंत्री के नाम भाकियू टिकैत का ज्ञापन, किसानों और कृषि मजदूरों की समस्याओं के समाधान की उठाई मांग।
बुलंदशहर में सड़कों पर भारी संख्या में किसानों ने किया प्रदर्शन।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत का किसानों कि विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर फूटा गुस्सा।
डीके निगम संवाददाता बुलंदशहर

बुलंदशहर। मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष चौधरी अरब सिंह के नेतृत्व में बुलंदशहर में हजारों किसानों के साथ सड़कों पर किया प्रदर्शन। किसानों, कृषि मजदूरों एवं ग्रामीण भारत से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कृषि क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए कहा गया कि खेती की बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदाओं, फसलों के उचित मूल्य न मिलने तथा किसानों पर बढ़ते आर्थिक संकट के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप एमएसपी की कानूनी गारंटी, ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर कट स्मार्ट मीटर बिजली गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करने, किसानों एवं कृषि मजदूरों की ऋणमाफी, घरेलू एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने तथा बिजली निजीकरण की प्रक्रिया वापस लेने की मांग की गई।
इसके अलावा किसानों के हितों के विरुद्ध बताए गए कृषि एवं व्यापार संबंधी समझौतों को निरस्त करने, डेयरी क्षेत्र में विदेशी दुग्ध उत्पादों के आयात पर रोक लगाने, प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा देने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार, भूमि अधिग्रहण कानून का सख्ती से पालन कराने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसी मांगें भी शामिल हैं।
भारतीय किसान यूनियन ने ज्ञापन में कहा कि यदि किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण समाज की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो इसका प्रभाव देश की कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। संगठन ने केंद्र सरकार से किसानों के हित में सकारात्मक निर्णय लेकर उनकी आय, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस मौके पर हजारों किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर किया प्रदर्शन प्रशासन ने भारी संख्या में किया था पुलिस बल तैनात जिलाध्यक्ष ने कहा है कि अब किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।।






