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डीके निगम संवाददाता

बुलंदशहर। छात्रों में सुरक्षा जागरूकता और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारी बढ़ाने के उद्देश्य से दिल्ली रोड भूड़ पर स्थित किंग्सवुड पब्लिक स्कूल में एक दिवसीय अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल और कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। स्थानीय अग्निशमन विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल के कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों और शिक्षक स्टाफ ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की रूपरेखा स्कूल के एडमिनिस्ट्रेटर फरीद अंसारी के कुशल मार्गदर्शन में तैयार की गई थी। कार्यक्रम की शुरुआत अग्निशमन अधिकारियों के एक सूचनात्मक सत्र से हुई, जिसमें उन्होंने आग लगने के विभिन्न कारणों और आपातकाल के समय बिना घबराए शांत रहने के महत्व के बारे में बताया। इसके बाद मैदान में एक लाइव प्रदर्शन (डेमो) किया गया, जहाँ छात्रों को व्यावहारिक रूप से आग पर काबू पाना सिखाया गया। ‘पास’ (PASS) तकनीक का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
अग्निशमन विशेषज्ञों ने छात्रों को विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) की पहचान कराई और उन्हें चलाने की PASS तकनीक सिखाई:
• P (Pull): सेफ्टी पिन को खींचना।
• A (Aim): नोजल का रुख आग के निचले हिस्से (जड़) की तरफ करना।
• S (Squeeze): लीवर को दबाना।
• S (Sweep): नोजल को दाएं-बाएं घुमाते हुए आग पर बौछार करना।
विशेषज्ञों की देखरेख में स्कूल के कई छात्र-छात्राओं ने खुद अपने हाथों से फायर एक्सटिंग्विशर चलाकर मैदान में लगाई गई नियंत्रित आग को बुझाया, जिससे उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा।
सिखाए गए जान बचाने के अन्य जरूरी तरीके जिसमे आग बुझाने के अलावा, छात्रों को गैस सिलेंडर में आग लगने पर गीले बोरे या कंबल से ऑक्सीजन काटकर आग बुझाने का तरीका भी दिखाया गया। साथ ही, धुएं से भरे कमरे में जमीन पर रेंगकर बाहर निकलने (क्रॉलिंग) और कपड़ों में आग लगने पर “रुकें, गिरें और लुढ़कें” (Stop, Drop, and Roll) तकनीक का अभ्यास भी कराया गया। इस बेहद महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के अवसर पर स्कूल के प्रबन्धक आसिफ नदीम मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने बच्चों के इस प्रयास की सराहना की। इसके साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल स्टाफ से तहसिम मेम, फौजिया मैम, साबिया, मीनाक्षी, नेहा गुप्ता, प्रियंका गौतम, अलकमा, यासमीन, आँचल, शाबेनूर, शाहीन नाज़ और ज्ञानवी आदि सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष सहयोग व उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के समापन पर स्कूल के प्रधानाचार्य उमेश कुमार ने अग्निशमन विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ जीवन रक्षक कौशल (Life Skills) सीखना हर बच्चे के लिए बेहद जरूरी है, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में अपनी और दूसरों की जान बचा सकें। School management ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।






