Wednesday, October 14, 2026
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एसीपी कार्यालय के चंद कदमों पर बार और रेस्टोरेंट में नियमों की अनदेखी का आरोप, रात 12 बजे के बाद भी यहां चलती है महफिल!

साहिबाबाद
साहिबाबाद के राजेंद्र नगर और राजबाग मेट्रो स्टेशन के आसपास संचालित कुछ बार एवं रेस्टोरेंट की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी शराब परोसने और हुक्का संचालित किए जाने का सिलसिला जारी रहता है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह संबंधित नियमों के अनुपालन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
स्थानीय स्तर पर एसीपी कार्यालय के सामने स्थित अबाउट ड्रिंक बार, कुछ दूरी पर याराना द बार और राजबाग मेट्रो स्टेशन के नजदीक ब्लैक रॉबिट बार की गतिविधियों को लेकर जांच की मांग उठ रही है। आरोप है कि रात 12 बजे के बाद भी इन स्थानों पर देर रात तक महफिल जमती है और कुछ युवक-युवतियां नशे की हालत में दिखाई देते हैं।
आरोप है कि कुछ प्रतिष्ठानों पर रात में शुरू होने वाली गतिविधियां सुबह करीब चार बजे तक जारी रहती हैं। शराब के साथ हुक्का परोसे जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि संबंधित प्रतिष्ठानों को शराब परोसने की अनुमति केवल निर्धारित समय तक है, तो उसके बाद कथित रूप से गतिविधियां जारी रहने पर निगरानी कौन कर रहा है?
यह भी जांच का विषय है कि संबंधित बार एवं रेस्टोरेंट के पास हुक्का संचालन की वैध अनुमति है या नहीं, वहां तंबाकू अथवा अन्य पदार्थों का इस्तेमाल हो रहा है या नहीं और परिसर में लागू नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
एसीपी कार्यालय के नजदीक उठे निगरानी पर सवाल
सबसे अहम सवाल यह है कि जब ये प्रतिष्ठान पुलिस कार्यालय के आसपास स्थित बताए जा रहे हैं, तो देर रात तक संचालन की शिकायतों की जांच किस स्तर पर की जा रही है? क्या स्थानीय पुलिस नियमित निरीक्षण करती है? क्या आबकारी विभाग ने निर्धारित समय के बाद शराब परोसने की शिकायतों पर कोई कार्रवाई की है?
पुलिस और आबकारी विभाग से कार्रवाई की मांग
मामले में पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग है कि अबाउट ड्रिंक बार, याराना द बार और ब्लैक रॉबिट बार के संचालन समय, शराब परोसने की अनुमति, हुक्का संचालन तथा देर रात की गतिविधियों की जांच कराई जाए। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज, निरीक्षण अभिलेख और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जाए।
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसकी जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इन शिकायतों को गंभीरता से लेकर जांच करते हैं या फिर देर रात तक कथित रूप से जारी गतिविधियों पर सवाल यूं ही बने रहते हैं।
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