निर्माण मलबे के निस्तारण से लेकर सड़कों पर जल छिड़काव तक की होगी सघन निगरानी, लापरवाही बरतने वालों पर रहेगी नजर
दादरी।
शहर में बढ़ते धूल प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद दादरी ने धूल नियंत्रण अभियान और सीएंडडी (निर्माण एवं विध्वंस) वेस्ट प्रबंधन को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नगर पालिका की ओर से एंटी-स्मॉग गन ऑपरेटरों और सफाई मित्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मशीनों के कुशल संचालन, निर्धारित स्थानों पर नियमित जल छिड़काव और निर्माण मलबे की निगरानी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
नगर पालिका परिषद दादरी की अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता ने बताया कि वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए धूल नियंत्रण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत शहर के प्रमुख मार्गों, भारी यातायात वाले चौराहों, निर्माण स्थलों और धूल से प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में जल छिड़काव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यशाला में एंटी-स्मॉग गन एवं वाटर स्प्रिंकलर मशीनों के ऑपरेटरों को मशीनों के सही संचालन, पानी के दबाव को संतुलित रखने, नोजल के रखरखाव और आवश्यकता के अनुसार जल छिड़काव करने की तकनीक समझाई गई। साथ ही कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने और पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए।
अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता ने बताया कि
नगर पालिका परिषद दादरी का लक्ष्य धूल नियंत्रण, निर्माण मलबे के उचित प्रबंधन और नियमित सफाई व्यवस्था के माध्यम से शहर को स्वच्छ बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराना है।
निर्माण मलबे और धूल वाले क्षेत्रों पर रहेगी नजर….
सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन के तहत निर्माण स्थलों, सड़कों के किनारे और अन्य स्थानों पर खुले में पड़े निर्माण मलबे की निगरानी करने पर विशेष जोर दिया गया। सफाई मित्रों को निर्देश दिए गए कि वे सड़कों पर धूल जमा न होने दें, खुले में पड़े निर्माण मलबे की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं और निर्धारित रूट व समय-सारिणी के अनुसार जल छिड़काव सुनिश्चित कराएं।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई, रोजाना होगी समीक्षा…
नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना और प्रदूषण के प्रभाव को कम करना प्राथमिकता है। अभियान के तहत फील्ड में किए जा रहे कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों की ओर से निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी संबंधित कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। अभियान में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






