सीओ रामकरन सिंह ने साइबर फ्रॉड से बचने के दिए टिप्स।
स्याना/बुलंदशहर,
मनोज सिंहल जन सागर टुडे :
स्याना सर्किल के पुलिस क्षेत्राधिकारी रामकरन सिंह ने आमजन को साइबर फ्रॉड से बचने के टिप्स बताए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर जागरूकता के 11 सुनहरे नियम प्रसारित किए हैं। सीओ ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि किसी परिचित की आवाज से ऑनलाइन उधार रूपये मांगे जायें तो पहले परिचित को कॉल करके पुष्टि कर लें। सरकारी अधिकारी/कर्मचारी बनकर स्थानान्तरण के नाम पर घरेलू सामान सस्ते में बेचने का ऑफर दें, तो बहकावे में न आयें। ऑनलाइन भुगतान करने लिए यूपीआई पिन की आवश्यकता होती है, भुगतान प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन डालने की आवश्यकता नहीं होती। सीवीवी कार्ड नंबर, वैधता तिथि (एक्सपायरिंग वैलिडिटी), सीवीवी तथा ओटीपी नम्बर गोपनीय होते हैं, इनको किसी के साथ साझा न करें। सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप या अनजान लिंक के माध्यम से भेजे गए फर्जी या अनजान ट्रेडिंग ऐप में निवेश करने से बचें। ऐसे ऐप के माध्यम से साइबर ठगी की घटनाएं होती हैं। सीओ ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या तस्वीर को पोस्ट या फारवर्ड करने से पहले उसकी सच्चाई अवश्य जांच लें। बिना पुष्टि किए ऐसी चीजें साझा करने से बचें। अपना बैंक खाता किसी को कमीशन के लालच में न दें। यदि आपका खाता अवैद्य लेन-देन के लिए उपयोग किया जाता है तो आप कानूनी कार्यवाही के घेरे में आ सकते हैं। विदेशों में नौकरी देने के नाम पर ऑनलाइन फेक जॉब ऑफर से सावधान रहें। बीमा के नाम पर लोन/सब्सिडी आदि के लिए आये किसी भी अंजान लिंक को न खोलें। व्हाटस्अप नंबर से आई डॉक्यूमेंट आदि पर कहीं भी एपीके लिखा होता है तो डाउनलोड न करें। (जैसे विवाह निमंत्रण.एपीके) इससे आपका फोन हैक हो सकता है। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। पुलिस या कोई भी अन्य संस्था कभी भी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती। सीओ रामकरन सिंह ने कहा कि सावधान रहते हुए व सतर्क बरतने से साइबर फ्रॉड से बचा जा सकता है। कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन 1930 पर जानकारी दें।






