हादसे के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, हाईवे पर मौत बनकर खड़ी हैं बसें
बेलोन मंदिर के पास नेशनल हाईवे-509 पर अवैध पार्किंग से हादसे का खतरा, दो युवतियों की मौत के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई
नरौरा (बुलंदशहर)। बेलोन में ट्रै
क्टर-ट्रॉली और गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक की भीषण भिड़ंत में दो युवतियों की मौत और 30 से अधिक श्रद्धालुओं के घायल होने के बावजूद हाईवे पर अवैध पार्किंग का मुद्दा जस का तस बना हुआ है। बेलोन माता मंदिर के आसपास नेशनल हाईवे-509 के दोनों किनारों पर खड़ी प्राइवेट बसें और अन्य वाहन सड़क को संकरा कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े हादसे के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाईवे पर बेतरतीब खड़ी बसों के कारण आवागमन बाधित होता है और सामने से आने वाले वाहनों को देखने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक, विगत दिनों हुए हादसे के पीछे भी सड़क किनारे खड़े वाहनों की भूमिका बताई जा रही है। आरोप है कि बसों की वजह से ट्रैक्टर चालक को सामने से आ रहा ट्रक समय रहते दिखाई नहीं दिया, जिससे भीषण टक्कर हो गई। हालांकि, हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि बेलोन गेट नंबर-एक से गेट नंबर-दो तक रोजाना दर्जनों बसें खड़ी रहती हैं। रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है और पुलिस की नियमित निगरानी भी नजर नहीं आती। ऐसे में अंधेरे और सड़क पर खड़े वाहनों के कारण किसी भी समय दूसरा बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
हादसे के बाद भी अनदेखी क्यों?
जब हाईवे पर बसों का अनधिकृत ठहराव प्रतिबंधित है, तो फिर सड़क किनारे बसें खड़ी करने की अनुमति कैसे मिल रही है? दो युवतियों की जान जाने और 30 से अधिक श्रद्धालुओं के घायल होने के बाद भी अवैध पार्किंग पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? ये सवाल अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नेशनल हाईवे-509 के दोनों किनारों पर खड़ी बसों और अन्य वाहनों को तत्काल हटवाया जाए। साथ ही, बसों को निर्धारित पैंठ बाजार में खड़ा कराने की व्यवस्था का सख्ती से पालन कराया जाए, जहां प्रशासन की ओर से पार्किंग की व्यवस्था की गई है। लोगों ने रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराने की भी मांग की है, ताकि हाईवे पर यातायात सुचारु रहे और भविष्य में किसी परिवार को ऐसे दर्दनाक हादसे का सामना न करना पड़े।






