गाजियाबाद। चौकीदार सेवा समिति के अध्यक्ष अनूप त्रिपाठी इन दिनों प्रदेशभर का भ्रमण कर सभी थानों में तैनात चौकीदारों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
इसी के अंतर्गत मंगलवार को वो गाजियाबाद के करेहड़ा गांव के पास के आंबेडकर पार्क में पहुंचे जहां पर चौकीदार सेवा समिति के गाजियाबाद जिला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह के द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया ।

इस अभियान का उद्देश्य चौकीदारों को एकजुट करना तथा उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं और मांगों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
समिति अध्यक्ष अनूप त्रिपाठी ने कहा कि चौकीदार पुलिस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और वे दिन-रात अपनी सेवाएं देकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करते हैं। इसके बावजूद उन्हें कई मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों से वंचित रहना पड़ता है। उन्होंने चौकीदारों से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर चौकीदारों से संवाद किया जा रहा है, उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। समिति का प्रयास है कि चौकीदारों की जायज मांगों को शासन और प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा जाए, ताकि उनका शीघ्र समाधान हो सके।इस दौरान समिति अध्यक्ष अनूप त्रिपाठी ने सभी चौकीदारों से एकजुट रहने, संगठन को मजबूत बनाने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की।
उन्होंने बताया कि उन्होंने चौकीदारों के हक के मुद्दों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों तक पहुंचा दिया है ।
उन्होंने यह तक भी कहा कि यदि चौकीदारों के हक को दिलाने के लिए उन्हें अगर विपक्ष के साथ भी खड़ा होना पड़े तो वो बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे ।आंबेडकर पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, प्रदेश सचिव दीनदयाल,राजू,जितेंद्र खेमचंद ,नरेंद्र,टीकम सिंह,जगदीश,सुनील,मोमिन,विजयपा ल,बिरजू,रहीसुद्दीन,ओमदत्त,रिया जुद्दीन, मौसूद,नवीन कुमार ,विकास ,श्यामवीर, वतन सिंह,बिजेंद्र, वेदप्रकाश,लियाकत अली,ब्रह्मसिंह,सोहनलाल,विशम् बर,बिहारी,मलखान,आनंद प्रकाश,सोनपाल,कर्मपाल,रवींद्र एवं अन्य कई गांव के लोग मौजूद रहे ।
इन माँगो को लेकर की थी मुख्यमंत्री से मुलाकात ….
चौकीदार सेवा समिति के अध्यक्ष अनूप त्रिपाठी चौकीदारों के हित एवं हक को लेकर मुख्यमंत्री को को मांग पत्र सौंपा था उन मांगो में प्रत्येक थाने पर ग्राम चौकीदार का शोषण बंद हो,
ग्राम चौकीदार में आज युवा अत्यधिक है इन्हें सम्मानित वर्दी मिले डिजिटल सशक्त बनाया जाये,महंगाई के मद्दे नजर रखते हुए इनका मानदेय बढ़ना चाहिए, एवं ग्राम चौकीदार का कोई समय नहीं है जब चाहे इन्हें बुला लिया जाता है जिससे ये बाहर नौकरी नहीं कर पाते इन्हें 30 ड्यूटी का मानदेय देना चाहिए ताकि परिवार पल सके ।समिति के अध्यक्ष अनूप त्रिपाठी द्वारा यह
सुझाव भी दिया गया था कि बिहार हरियाणा तर्ज पर इन्हें 3 भागों में बांटा जा सकता है पहला जो पढ़े लिखे उन्हें होमगार्ड की तरह पूरी ड्यूटी मिले ।दूसरा जो 8 पास है उन्हें गौ रक्षा किसानों के नुकसान को बचाना तहसील से जुड़े काम दिए जाना चाहिए तीसरा जो नहीं पढ़े है उन्हें अपने अनुसार आप कार्य या मानदेय दे सकते है ।






