जनसागर टुडे

आजमगढ़ / सूरज सिंह – नगर पालिका परिषद मुबारकपुर की अध्यक्ष डा. सबा शमीम को उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा-48 के तहत की गई, जिसमें उनके खिलाफ लगे कुल 8 आरोपों को गंभीर मानते हुए प्रथम दृष्टया पूरी तरह सिद्ध पाया गया। जिलाधिकारी आजमगढ़ को विभिन्न स्रोतों से मिली शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई गई थी। इस जांच के लिए उप जिलाधिकारी और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में अलग-अलग समितियों का गठन किया गया, जिन्होंने विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी। जांच रिपोर्टों के आधार पर शासन ने 3 जुलाई 2024 को डा. सबा शमीम को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। इसके जवाब में उन्होंने 2 अगस्त 2024 को अपना पक्ष प्रस्तुत किया, जिसे आगे परीक्षण के लिए जिलाधिकारी को भेजा गया। जिलाधिकारी ने 20 जुलाई 2025 को अपनी प्रति-परीक्षण आख्या में डा. शमीम के स्पष्टीकरण को आधारहीन बताते हुए सभी 8 आरोपों को पूरी तरह सिद्ध माना और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की। शासन ने नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के तहत उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई के कई अवसर दिए। 14 अगस्त, 13 अक्टूबर और 6 नवंबर 2025 को उन्हें बुलाया गया, लेकिन वह किसी भी तिथि पर उपस्थित नहीं हुईं। उपलब्ध साक्ष्यों, जांच रिपोर्टों और जिलाधिकारी की संस्तुति के आधार पर राज्यपाल की स्वीकृति से डा. सबा शमीम को नगर पालिका अध्यक्ष पद से पदच्युत करने का अंतिम निर्णय लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब आगे नगर पालिका परिषद मुबारकपुर के संचालन को लेकर नई व्यवस्था किए जाने की संभावना है।






