Friday, June 14, 2024
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वाराणसी के रोटी बैंक के संस्थापक किशोर कांत तिवारी का कोरोना के कारण निधन

जनसागर टुडे/ सूरज सिंह

वाराणसी- बनारस का ऐसा बैंक जहां रुपये-सिक्के नहीं, रोटी-चावल जुटाया जाता है और ये भोजन बिना किसी रकम और ब्याज के गरीब परिवारों को बांटा जाता है। काशी में पहली बार शुरू की गई यह अनूठी पहल यहां की तंग गलियों में धीरे-धीरे रंग लाने लगी थी |
यही वो पल था, जब किशोर कांत ने महसूस किया कि कुछ ऐसा होना चाहिए जिससे घरों में बचा भोजन सीधे इन गरीब परिवार को मिल सके। इसी सोच की जमीन पर नींव पड़ी रोटी बैंक की। ये रोटी बैंक सामनेघाट के पास महेशनगर में है। मूल रूप से बिहार के रहने वाले किशोर कांत तिवारी के संयोजन में अब तक 250 से अधिक लोग इस रोटी बैंक से जुड़ चुके हैं। किशोर कांत यूं तो गरीब बच्चों को पढ़ाने का काम करते थे लेकिन फिलहाल पूरी शिद्दत से रोटी बैंक की अपनी योजना को साकार करने में जुटे थे |वह लोगाें से रोजाना सिर्फ दो रोटी, सब्जी या अचार दान में मांगते थे |
किशोर कांत कहते थे  कि उन्होंने बीएचयू के कई हॉस्टलों से भी संपर्क किया था |हॉस्टल में बचने वाले भोजन को फेंकने के बजाय वो रोटी बैंक को भोजन दान में दे सकते हैं। ये रोटी बैंक सामनेघाट के पास महेशनगर में है। उन्होंने बताया कि रोटी बैंक की शुरुआत 23 जून को की गई। हमारी कोशिश यही है कि कोई व्यक्ति भूखा न सोए। रोटी बैंक से इतर बनारस में अनाज बैंक भी चल रहा है। विशाल भारत संस्थान द्वारा संचालित इस अनाज बैंक से गरीबों को आटा, दाल, चावल आदि दिया जाता हैं। इससे करीब 800 से अधिक लोग जुड़े हैं। वहीं रोटी बैंक देश के अलग-अलग शहरों में भी संचालित है। इसी से प्रेरणा लेकर किशोर तिवारी ने काशी में रोटी बैंक की शुरुआत की।ऐसे समाजसेवी और वीर योद्धा का कोरोना के करण वाराणसी मे गुरुवार के दिन निधन हो गया |रोटी बैंक वाराणसी के संस्थापक किशोर कांत तिवारी का कोरोना महामारी से संक्रमित होने के कारण निधन हो गया। वे हम सब को छोड़ कर चले गए भगवान उनकी आत्मा को शान्ति दे। श्री तिवारी के निधन से क्षेत्र में दु:ख की लहर फैल गई है।

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