जन सागर टुडे संवाददाता
गाजियाबाद । कांग्रेस पार्षद दल के नेता व कार्यकारिणी सदस्य जाकिर अली सैफी का कहना है कि बहुत दु:ख होता है आज की गंभीर स्थिति को देखकर। केंद्र व राज्य सरकारों से कोई मद्दत ना मिलने से लोग बेउम्मीद हो रहे है। अपने देश- प्रदेश के लोगो को कैसे कोई सरकार अपने ही नागरिको को बेबस बेसहारा मरने के लिय छोड़ सकती है। इस एक महामारी ने पूरे देश के स्वास्थ सिस्टम पर सवालिया निशान उठा दिए है।
लेकिन यहां इस बात का जिÞक्र करना जरूरी हो जाता है कि अभी तक हमें मौत के सिर्फ़ वही मामले पता हैं जो अस्पताल में हुई हैं. इस बात की पूरी आशंका है कि मौत का आंकड़ा इससे अधिक हो, बहुत लोग ऑक्सीजन की कमी के कारण अपने घरो पर ही दम तोड़ रहे है
ऐसे में पुख्ता तौर पर कहना थोड़ा मुश्किल है की कितनी लोग बे- मौत मर रहे है। मैंने इस तरह के डरावने हालात इससे पहले कभी नहीं देखे थे. मुझे तो यकीन भी नहीं हो रहा है कि हमलोग भारत की राजधानी के आस- पास में है जहाँ लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिल रही है
और वो जानवरों की तरह मर रहे हैं.”इस साल फरवरी में रोजाना कोरोना संक्रमितों की संख्या करीब 12 हजार थी और मरने वालों की संख्या कुछ सौ थी, तब लोगों को उम्मीद हो गई थी कि भारत में का सबसे बुरा दौर गुजर चुका है.
तब ही सरकारों को ठीक से काम कराना चाहिए था। और चुनांव ना करा कर कोरोना पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेना चाहिए था। लेकिन भारत सरकार अपनी जिम्मेदारी से भागी और देश के लाखों लोगों को मौत के मुंह में डाल दिया।
अब हमें खुद को स्वयं ही विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक,कोरोना वायरस से खुद को सुरक्षित रखने का सबसे बेसिक और महत्वपूर्ण उपायों को इस्तमाल कराना होगा जैसे की हम सफाई से रहें. साफ-सफाई का ध्यान रखना सबसे जरूरी है.अपने हाथों को समय-समय पर धोते रहें. समय-समय पर साबुन और पानी से हाथ धोएं. या आप चाहें तो एक अल्कोहॉल बेस्ड सैनेटाइजर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
सैनेटाइजर को हाथों पर अच्छी तरह लगाएं. इससे अगर आप के हाथ पर वायरस मौजूद हुआ भी तो समाप्त हो जाएगा। साथ ही मेरी भारत सरकार से अपील है की सभी सांसद पूर्व सांसद, देश की सभी विधानसभाओं के विधायक व पूर्व विधायक की तीन महीने का भत्ता व पेंशन के पैसो से डारेक्ट वेंटिलेटर, ऑक्सीजन , पी.पी किट आदि जो भी चिज इस महामारी में जरूरी है। उसको खरीदा जाए और देश के सभी जिलों में भेजा जाए। ताकि जनता तक सीधे व सरल तरीके से मद्दत मिल जाए।






