Tuesday, February 3, 2026
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प्रवर्तन जोन-4 के डूब क्षेत्र में जीडीए के अधिकारियों संग मिल भूमाफिया कर रहे अवैध प्लॉटिंग

गाजियाबाद
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की जोन-4 सीमा में के प्रताप विहार में आने वाले डूब क्षेत्र में खुलेआम अवैध प्लॉटिंग का खेल जारी है जहां पर खेती योग्य भूमि पर अवैध प्लॉटिंग का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। नियमों के अनुसार डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण और प्लॉटिंग प्रतिबंधित है, इसके बावजूद भूमाफिया सक्रिय होकर कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉटों में काटकर बेच रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब कुछ जीडीए के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है, जिसके चलते नियम-कानून पूरी तरह ताक पर रख दिए गए हैं। डूब क्षेत्र और कृषि भूमि, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित है, वहां जमीन को काटकर प्लॉट बनाए जा रहे हैं और भोले-भाले लोगों को बेचा जा रहा है।
आपको बता दे कि प्रताप विहार में रॉयल टॉवर के पास डूब क्षेत्र के लगभग 80 बीघे कृषि की जमीन में कुछ भूमाफियाओं की मिलीभगत से अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही है । न तो इन प्लॉटों का कोई स्वीकृत लेआउट प्लान है और न ही भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) की अनुमति ली गई है। इसके बावजूद निर्माण कार्य और प्लॉटों की बिक्री धड़ल्ले से चल रही है।
यहां पर अवैध प्लॉटिंग करने वाले लोगों में शाहिद, अमित यादव, सुंदर यादव ,कालू यादव, लोकेश यादव एवं मोहम्मद नौशाद का नाम प्रमुखता से आ रहा है जो वहां पर लोगों को बहला फुसलाकर अवैध कालोनी बनाने का काम कर रह है।  शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न होने से भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि डूब क्षेत्र में प्लॉटिंग और निर्माण से प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था बाधित होती है, जिससे भविष्य में बाढ़ और जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। इसका सीधा असर आसपास के रिहायशी इलाकों और किसानों की जमीन पर पड़ेगा।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि जोन-4 के डूब क्षेत्र में हो रही अवैध प्लॉटिंग की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों व भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और वहां पर हुवे प्लॉटिंग के रूप में अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त कराया जाए एवं अतिक्रमण मुक्त कराया जाए ताकि भविष्य में किसी बड़ी आपदा से बचा जा सके।
वही पर जब जनसागर टुडे की टीम ने उन लोगों से बात की  जिन्होंने भूमाफियाओं से प्लॉट लिया था । उन्होंने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि लगभग 10 हजार से 12 हजार रुपए गज के हिसाब से यहां प्लॉटिंग की जा रही है ।
प्लॉट लेने वाले लोगों को बताया जा रहा कि प्लॉटिंग पूरी हो जाने पर यहां के लोगों को हर तरह की बुनियादी सुविधाएं दी जाएगी । प्लॉटिंग करने वालों की इस तरह की बातों को सुनकर अपने घर का सपना संजोए हुई गरीब तबके के लोग वहां पर प्लॉट ले रहे है और इस बात से अंजान है कि इस डूब क्षेत्र में उनके सपनों के घर पर कभी भी आकर जीडीए अपना बुलडोजर चला सकती है ।
प्लॉटिंग रोकने की जगह चुप्पी साधकर बैठे ये जीडीए के अधिकारी…..
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल द्वारा जोन 4 में अवैध निर्माण रोकने के लिए जोन 4  प्रभारी के रूप वीरेंद्र कुम  जिम्मेदारी दी है । इसके अलावा जोन 4 में जीडीए एई पियूष सिंह भी है जो अतिरिक्त प्रभार के रूप में जोन 5 के एई भी है । आपको बता दे कि पियूष सिंह पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके है l जब इनकी तैनाती जोन 2 में थी तब इनपर बसंतपुर सैंथली गांव में एक कालोनाइजर द्वारा यह आरोप लगाते हुवे मुकदमा दर्ज कराया गया था कि इन्होंने कालोनाइजर से 10 लाख रुपए यह कहकर ले लिए थे कि आपकी कालोनी को टूटने नहीं दिया जाएगा l लेकिन इनके द्वारा 10 लाख रुपए लेने के बावजूद भी उस कालोनी पर जीडीए का बुलडोजर चलाया गया । दर्ज किए गए मुकदमे एवं लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद इन्हें जोन 2 से हटा दिया गया । कुछ समय बाद एई पियूष सिंह को जोन 6 में तैनात करने के बाद इन्हें  अब जोन 4 और 5 जोन की जिम्मेदारी मिली है । गोरख पुर के होने के नाते पियूष सिंह खुद को ऊंची पहुंच वाला भी बताते है ।
 आपको बता दे कि जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल द्वारा इन सभी लोगो पर जोन 4 में अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी दी थी लेकिन यह लोग रोकने की जगह चुप्पी साधकर बैठे है ।
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