Monday, January 19, 2026
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आजमगढ…स्वाभिमानी महाराणा प्रताप के वीरता और शूरता से सीख लें समाज : दारा सिंह चौहान

जनसागर टुडे

महाराणा प्रताप के पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर महाराणा प्रताप सेना द्वारा आयोजित हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन, सम्मानित हुए 351 सेनानी व परिजन

आज़मगढ़-  भारत के वीर पुत्र महाराणा प्रताप की पुण्य तिथि की पूर्व संध्या पर महाराणा प्रताप सेना द्वारा रविवार को हरिओध कला केंद्र में राष्ट्रीय सम्मेलन पराक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सम्मेलन में महाराणा प्रताप के पराक्रम की चर्चा हुई इसके उपरांत 351 सेनानियों व उनके परिवारजनों को महाराणा प्रताप का चित्र, स्मृति चिन्ह व अंगवस़्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आगंतुकों को हल्दीघाटी की मिट्टी से तिलक लगाकर राजपुरोहित शिवम तिवारी द्वारा स्वागत किया गया।
बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र से हमें राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव पैदा होता है। उनका 82 किलो का पोशाक, 72 किलो की तलवार के आगे मुगल पस्त रहे। महाराणा प्रताप के हल्दीघाटी के युद्ध को समूचा विश्व जानता है। महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र को कविताओं में उकेरने वाले श्याम नारायण पाण्डेय की प्रसिद्ध कविता रण-बीच चौकड़ी भर-भरकर, चेतक बन गया निराला था, राणा प्रताप के घोड़े से, पड़ गया हवा को पाला था के जरिये महाराणा प्रताप के वीरता और शूरता को मंत्री श्री चौहान ने याद किया। उन्होंने आगे कहाकि देश के स्वाभिमान के रक्षा के लिए कल जो काम महाराणा प्रताप ने किया था आज वहीं काम हमारी मोदी और योगी के नेतृत्व में भाजपा सेना कर रही है। आज सरकार के प्रयासों से हम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वगुरू के सपने को साकार कर रहे है। स्वाभिमान और सनातन की रक्षा के लिए सभी को तत्पर रहना होगा।
एमएलसी विजय बहादुर पाठक व डॉ देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप वास्तव में एक समग्र व्यक्तित्व के धनी थे, जो वीरता, आत्मसम्मान, त्याग, दृढ़ प्रतिज्ञा, और नेतृत्व जैसे गुणों से परिपूर्ण थे, जिन्होंने अकबर की अधीनता स्वीकार न करते हुए अपनी मातृभूमि और प्रजा के लिए कठिन जीवन चुना, इसी कारण वे आज स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में याद किए जाते है।
भाजपा नेता अखिलेश मिश्र गुड्डू ने बताया कि शीध्र ही महाराणा प्रताप सेना के प्रयासों का असर होगा कि अपने आजमगढ़ शहर में भी महाराणा प्रताप की प्रतिमा शासन द्वारा स्थापित कराई जाएगी। श्री मिश्र ने आयोजकगण की सराहना करते हुए ऐसे योद्धाओं के जीवन से सीख लेने की बात कहीं।
मैक्सवेल हास्पिटल के डायरेक्टर डा के. एन. पाण्डेय ने जनता की सेवा के लिए महाराणा प्रताप सेना को एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराया। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने किया। सेना के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रभारी लोक गायक शैलेंद्र सिंह बादल और उनकी टीम द्वारा एक से बढ़कर एक गीतों से सम्मेलन में ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट शत्रुध्न सिंह व संचालन डा. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी ने किया।
अन्य वक्ताओं में भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह, विंग कमाण्डर कुमार राजीव रंजन, बिग्रेडियर डा पीएन सिंह आदि शामिल रहे।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह, अच्युतानंद तिवारी, अनिल सिंह सिसौदिया, राणा सिंह, वीरभद्र प्रताप सिंह, संजय पांडेय, शिवेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, संध्या सिंह, अंजू सिंह, रेखा, सिंह, प्रियंका, दिनेश खंडेलिया, पवन नाथ चौहान, हरिलाल यादव, अनिल सिंह, राजेश सिंह, प्रवीण सिंह, एमपी सिंह, अंशुमन राय, डा सुधीर श्रीवास्तव, सीबी सिंह, प्रणय यादव, रामपलट विश्वकर्मा, संजीव सिंह, चंदन सिंह, कैप्टन देवानंद तिवारी, गुलाब राय, शीला सिंह, रीतु सिंह, दिनेश सिंह, अमलेश सिंह, दीनानाथ सिंह, एमपी सिंह, मिथिलेश सिह, विक्रम सिंह, भागवत तिवारी समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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