Saturday, January 17, 2026
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भवरपुर के इतिहास मे पहली बार मंदिर बना मंडप, ग्रामीण बने बराती-घराती, एक जोड़ें का विवाह सम्पन्न

जनसागर टुडे

आजमगढ़ तरवां / सूरज सिंह – आजमगढ़ के तरवा ब्लॉक् स्थित नूरपुर उर्फ भवरपुर उमरी मे आज एक जोड़े का बहुत ही धूम धाम से विवाह संपन्न हुआ | शादी तो बहुत देखने को मिलता है लेकिन इस शादी से भवपुर के समाजसेवी व भावी प्रधान प्रत्यासी गौरव सिंह ईशु व सभी गाँव के लोगो की जीतनी सराहना की जाय कम है | भवरपुर नईया स्थित शंकर जी मंदिर पर एक ऐसे जोड़े को जोड़ा गया जिनका जीवन उनके ही जीवनसाथी के वजह से उलझ गया था | बतादे की इस जोड़े मे दिलीप कुमार पुत्र सुफेर कुमार निवासी भवरपुर जो की अपने परिवार का सबसे छोटा है | दिलीप की शादी सरिता कुमारी निवासी चाकिडीहा से हुआ था | पहली पत्नी सरिता और दिलीप को एक लड़की और एक लड़का है | लेकिन लगभग 8 महीने पहले सरिता अपने दोनों बच्चो को छोड़कर कही भाग निकली | 8 महीने इंतजार के बाद भी वह वापस नहीं आयी | वहीं लड़की शशि कुमारी पुत्री खरपत राम निवासी खुजरहट भीमापर है | शशि अपने दो भाई तीन बहनो मे सबसे छोटी है | शशि की शादी मई गाजीपुर मे हुआ था शशि का एक ढाई साल का लड़का भी है |

दिलीप कुमार ,शशि कुमारी और तीनो बच्चे

पति के सही ढंग से ना रहने के वजह से शशि  एक साल से अपने माता पिता के पास रहती रही जिसका पति को कोई फर्क नहीं | शनिवार को दिलीप और शशि के परिवार के रजामंदी के साथ मंदिर पर धूमधाम से विवाह सम्पन्न हुआ | गाँव के मंदिर  पर पहली बार ऐतिहासिक विवाह मे गौरव सिंह ईशु, सिद्धार्थ सिंह रिशु,अरुण सिंह रिंकू, सोनू सिंह, मोनू सिंह, रतन सिंह, हर्ष सिंह कुश,यश सिंह लव, अनूप सिंह रोहित ( गोलू) आदर्श (शोलू) पंकज सिंह मउपरासिन, क्रांतिकारी रोशन, मिठाई गौड़, धीरज गौड़, रतन विस्वकर्मा के साथ गाँव के कई महिला व बच्चे भी मौजूद रहे |

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