जन सागर टुडे संवाददाता
गाजियाबाद : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी अनिल यादव का कहना है कि इलाज के लिए सलाह देने वाले डाक्टरों और अस्तपतालों के झूठे नंबर छपवाए जा रहे हैं। आक्सीजन सप्लायर फोन नम्बर बंद कर लेते हैं। सीएमओ आफिस में लालफीताशाही का जोर है। कहीं किसी की सुनवाई नहीं।
अस्पतालों में दवाई नहीं। फिर भी सरेआम झूठा बोला जा रहा है। कहीं कोई कमी नहीं है। मृतक आंकड़ो में भी खेल हो रहा है। बस भाजपा राज में इलाज भले न मिले, अंत्येष्टि फ्री है। भाजपाई भी सरकारी झूठ में अपनों को खो रहे हैं। भाजपा सरकार कितना अमानवीय हो सकती है इसका एक उदाहरण यह है कि पंचायती चुनावों में डयूटी कर रहे 706 शिक्षकों की सांसे थम गई।
लगभग 10 हजार से ज्यादा शिक्षक कोरोना संक्रमण से ग्रसित हैं अस्पताल कर्मियों को भी कोरोना के इलाज की भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। बड़ी संख्या में लोग घरों में, अस्पतालों के गेट के बाहर स्टेज्चर या सड़क पर जानें दे रहे हैं। उच्च न्यायालय के सख्त रूख के बावजूद प्रदेश में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था के हालात नहीं सुधर रहे हैं। मृत स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षकों तथ पत्रकारों को 50-50 लाख रूपए की तत्काल सहायता दी जानी चाहिए पर मुख्यमंत्री जी को इस पर सोचने की फुर्सत कहां है?






