*तेज हवा, बारिश व ओलावृष्टि से फसल क्षति के आकलन को लेकर जिलाधिकारी ने सर्वे टीम की गठित*
*जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत इनायतपुर में गेहूं फसल की क्रॉप कटिंग का किया स्थलीय निरीक्षण*
*निरीक्षण के उपरांत उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति के तहत क्लस्टर निर्माण के संबंध में की बैठक*
गौतमबुद्धनगर/जिलाधिकारी द्वारा पिछले दिनों तेज हवा के साथ हुई बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत रबी मौसम 2025-26 की अधिसूचित फसलों में क्षति होने की संभावना के दृष्टिगत फसलों में हुई क्षति के सही आंकलन तथा पात्र कृषकों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति का लाभ दिलाए जाने के उद्देश्य से राजस्व ग्राम स्तर पर सर्वे टीमों का गठन किया गया है।
उन्होंने बताया कि गठित सर्वे टीम में संबंधित राजस्व ग्राम के लेखपाल, कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी (कृषि) / प्राविधिक सहायक / एटीएम / बीटीएम तथा तहसील स्तर पर कार्यरत बीमा कंपनी के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं। कृषकों की सुविधा के लिए फसल क्षति से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना, मार्गदर्शन अथवा सहायता के लिए कृषक एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त जिला समन्वयक देवराज सिंह (मोबाइल 7906769211), तहसील सदर के बीमा कंपनी प्रतिनिधि धीरज (मोबाइल 7579561257), तहसील दादरी के बीमा कंपनी प्रतिनिधि दुर्गेश (मोबाइल 6394846553) तथा तहसील जेवर के बीमा कंपनी प्रतिनिधि राम अवतार (मोबाइल 7754924114) से भी संपर्क किया जा सकता है। किसी भी प्रकार की समस्या अथवा जानकारी के लिए कृषक जिला कृषि अधिकारी (मोबाइल 7839882586) एवं उप कृषि निदेशक (मोबाइल 7983035569) से भी संपर्क कर सकते हैं, जिससे फसल क्षति से संबंधित प्रकरणों का त्वरित संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी ने तहसील सदर अंतर्गत ग्राम पंचायतन इनायतपुर में रबी वर्ष 2025-26 के अंतर्गत गेहूं फसल की क्रॉप कटिंग का स्थलीय निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खेत पर पहुंचकर निर्धारित मानकों के अनुरूप फसल उत्पादन का परीक्षण कराया।
इस क्रम में जिलाधिकारी की उपस्थिति में किसान युगल कौशल की भूमि, गाटा संख्या 285 पर निर्धारित मानक 10×10×10 त्रिकोण मीटर क्षेत्रफल में गेहूं की कटाई कराई गई, जिसमें परीक्षण उपरांत 22.230 किलोग्राम उपज प्राप्त हुई।
इसके पश्चात जिलाधिकारी द्वारा किसान राजेंद्र की भूमि, गाटा संख्या 404 पर भी निर्धारित मानक 10×10×10 त्रिकोण मीटर क्षेत्रफल में गेहूं की क्रॉप कटिंग कराई गई, जिसमें परीक्षण उपरांत 22.900 किलोग्राम उपज प्राप्त हुई।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गांव के किसानों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याएं सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल उत्पादन के सटीक आकलन के लिए क्रॉप कटिंग प्रयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे किसानों को विभिन्न योजनाओं एवं बीमा लाभों का सही निर्धारण सुनिश्चित किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी विवेक दुबे, अपर सांख्यिकी अधिकारी अलका चौहान, लेखपाल नंदकिशोर तथा एआईसी बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके उपरांत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति-2019 के अंतर्गत निर्यात हेतु क्लस्टर निर्माण के संबंध में समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक में ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि गौतमबुद्ध ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का एक बासमती धान क्लस्टर गठित किया जा चुका है। साथ ही हरनंदी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निर्यात उन्मुख क्लस्टर गठन हेतु समिति के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे जिलाधिकारी द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। केआरबीएल राइस एक्सपोर्ट कंपनी द्वारा क्लस्टर घोषित होने के उपरांत उत्पाद के निर्यात के लिए सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में एसएएमआई कृषि विपणन विभाग से रामकुमारी ने अवगत कराया कि निर्यात नीति के अंतर्गत 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल का क्लस्टर निर्माण कर उत्पादन का 30 प्रतिशत निर्यात करने पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त कृषि उत्पादों एवं उनसे प्रसंस्कृत वस्तुओं के निर्यात पर परिवहन अनुदान के रूप में वास्तविक भाड़े का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक सहायता प्रदान की जाती है।
साथ ही कृषि निर्यात, पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित डिग्री, डिप्लोमा अथवा सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित करने वाले राजकीय संस्थानों को 25 या उससे अधिक छात्रों के पंजीकरण पर एकमुश्त 50 लाख रुपये का अनुदान दिए जाने का भी प्रावधान है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि उक्त सभी प्रक्रियाओं को शीघ्रता से पूर्ण करते हुए जनपद में बासमती धान के क्लस्टर गठन को बढ़ावा दिया जाए, ताकि जनपद के कृषि उत्पादकों को उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति के तहत अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी विवेक दुबे, डीडीएम नाबार्ड गाजियाबाद, कृषि वैज्ञानिक (अपेडा) प्रमोद कुमार तोमर, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला पशुपालन अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य तथा कृषि उत्पादकता समूह के सदस्य एवं निर्यातक उपस्थित रहे।






