नोएडा – प्रवासी महासंघ नोएडा के अध्यक्ष आलोक वत्स ने कहा कि रसोई गैस की किल्लत ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। गैस की इस किल्लत के चलते सभी गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां लोग अपने गैस सिलेंडर के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। वहीं कई जगहों पर खाली हाथ लौटना भी पड़ रहा है।
गैस की सीमित सप्लाई के कारण कई लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा परेशान तो वो लोग है जो अन्य जगहों से आकर दिल्ली एन सी आर में मजदूरी करते है । ऐसे लोग साल के 7 से 8 महीने यहां तो बाकी समय गांव में खेती करते है । ऐसे लोगों के पास सिर्फ 5 किलो वाले छोटे सलेंडर ही होते है जिन भरवाना अब काफी मुश्किल हो रहा है जिसके कारण वो लोग गांव की तरफ पलायन कर चुके है । इसका पूरा असर उद्यमियों पर पड़ रहा है और उन्हें काम करने वाले मजदूर भी न मिल रहे ।
आलोक वत्स का आरोप है कि एक तरफ एजेंसियों पर गैस की कमी है, वहीं दूसरी ओर कुछ स्थानों पर कालाबाजारी की भी शिकायतें सामने आ रही हैं।
इस संकट के बीच आपदा को अवसर बनाकर कालाबाजारी करने वालों की चांदी हो रही है। जरूरतमंद लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर कुछ एजेंसी संचालक ही ऊंचे दामों पर गैस सिलेंडर बेच रहे हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
आलोक वत्स का कहना है कि यदि समय रहते सप्लाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए और गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके।






