Tuesday, March 17, 2026
No menu items!
spot_img
spot_img
होमeMagazineबाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित स्व. कांशीरामजी एवं दलित...

बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित स्व. कांशीरामजी एवं दलित मित्र स्व. वासुदेवराव जी चांगरे की संयुक्त जयंती* के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

*पुणे (दौंड): बहुजन समाज के उत्थान और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम* के रूप में, 15 मार्च 2026 को दौंड (पुणे जिला) में *बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित स्व. कांशीरामजी एवं दलित मित्र स्व. वासुदेवराव जी चांगरे की संयुक्त जयंती* के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में *अखिल भारतीय न्याय व सामाजिक विकास फाउंडेशन की चेयरमैन तथा बहुजन विकास संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष सौ. आरतीजी हालदार ने प्रमुख अतिथि एवं मुख्य वक्ता* के रूप में शिरकत की और सभा को संबोधित किया।
अपने प्रेरणादायक संबोधन में सौ. आरती  हालदार ने समाज में व्याप्त अत्याचारों, शोषण और भेदभाव पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने बहुजन समाज के उत्थान के लिए एकजुट होने की अपील की तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा पर विशेष जोर दिया। विशेष रूप से दलित, बहुजन और सफाई कर्मचारियों जैसे वंचित वर्गों के मौलिक अधिकारों, समानता, न्याय एवं गरिमापूर्ण जीवन पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।
उन्होंने अनुच्छेद 19 के खंडों (a, b, c, d, e, g) का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि ये खंड सभी नागरिकों को बोलने एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्वक सम्मेलन करने, संघ या संगठन बनाने, भारत में अबाध संचरण, किसी भी भाग में निवास एवं बसने तथा किसी भी व्यवसाय, व्यापार या पेशे को अपनाने का अधिकार प्रदान करते हैं। इन अधिकारों का उपयोग बहुजन समाज को अपने हक की लड़ाई लड़ने में मजबूती प्रदान करता है, अतः इन अधिकारों का हमारे आजादी से सिधा संबंध हे ।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश भर के सभी संघों और संगठनों को एकत्रित होकर रास्ते पर उतरना होगा, तभी बहुजनों के अधिकारों को बचाया और सुरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि एकजुट संघर्ष के बिना वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा संभव नहीं है।
कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और उनके सम्मानजनक जीवन पर केंद्रित चर्चा हुई। उन्होंने वाल्मीकि सेना (बाल्मीकि सेना) के उन सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया, जो सफाई कर्मचारियों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ जमीन स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की कि देशभर के जितने भी संगठन उनके साथ जुड़े हैं या जुड़ रहे हैं, उनके साथ पूर्ण निष्ठा और ताकत से कार्य करती रहेंगी।
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने बहुजन विकास संघ की महिलाओं द्वारा महिला दिवस के सफल आयोजन का ब्योरा साझा किया। उन्होंने कहा कि संघ में माता सावित्रीबाई फुले, राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले, बाबासाहेब आंबेडकर और माता रमाई की विचारधारा पर आधारित महिला-पुरुष पदाधिकारी और कार्यकर्ता कुशलतापूर्वक मुझसे जुड़े हुए हमारे सभी संघो में कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर उन्होंने बहुजन विकास संघ के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं का ८ मार्च को देशभर में महिला दिवस पर महिलाओं द्वारा सफल कार्यक्रमो का कौतुक किया तथा धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह कार्यक्रम बहुजन समाज के सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और विकास के मुद्दों को मजबूती से उठाने का एक सफल प्रयास साबित हुआ। सौ. आरतीजी हालदार का संबोधन उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बना। जिसके परिणामस्वरूप दौंड पुणे में सेकंडों की संख्या मे कार्यकर्ताओ ने आरतीजी के साथ कार्य करने की इच्छा जताई ।

- Advertisement -spot_img

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

- Advertisment -spot_img

NCR News

Most Popular

- Advertisment -spot_img