प्रसव के दौरान नवजात की गर्दन टूटी, अवैध क्लीनिक में डिलीवरी का आरोप

-पीड़ित पति ने आशा व दाई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
जनसागर टुडे गगन बंसल संवाददाता
जहांगीराबाद। कोतवाली क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रसव के दौरान एक नवजात की गर्दन टूट जाने का गंभीर आरोप लगा है। मामला गांव रूठा निवासी राजकुमार की पत्नी झम्मन से जुड़ा है, जिन्हें रविवार को प्रसव पीड़ा हुई थी। पीड़ित पति का आरोप है कि प्रसव पीड़ा के बावजूद आशा कार्यकर्ता ने पत्नी को सरकारी अस्पताल में ले जाने के बजाय एक दाई को बुला लिया। हालत बिगड़ने पर दाई उसे जहांगीराबाद की नई बस्ती स्थित अपने निजी निवास पर संचालित कथित अवैध क्लीनिक में ले गई, जहां बिना किसी चिकित्सकीय सुविधा के प्रसव कराया गया। आरोप है कि इसी दौरान दाई की घोर लापरवाही से नवजात की गर्दन अलग हो गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद पीड़ित पति ने थाने में तहरीर देकर आशा कार्यकर्ता व दाई के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ सुनील कुमार दोहरे से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि टीम गठित कर मामले की जांच कर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। क्लीनिक को सील करने के लिए भी टीम भेजी जा रही है। वहीं कोतवाली प्रभारी संजेश कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आ गया है। कस्बा चौकी प्रभारी को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। जांच कर अग्रिम कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।






